कुछ मूवी सीरीज ऐसी होती है जिसका इंतजार होता है क्योंकि काॅमेडी की गारंटी होती है। हाउसफुल 5 भी उन्ही में से एक है। वाकई में 2घंटे 45 मिनट कैसे बित जाएगे पता भी नही चलेगा।
हर सीन में ह्यूमर है कामेडी है। एडल्ट काॅमेडी और डबल मिनींग डायलॉग काफी है इसलिए पारिवारिक फिल्म नही बोल सकते।
फरदीन खान को बहुत दिनो बाद देख अच्छा लगेगा।
डीनो श्रेयस तलपडे का रोल बहुत कम है।
जैकी श्राफ, संजय दत्त और नाना पाटेकर का किरदार फिल्म में जान डाल दिया ।
चंकी पांडे और जाॅनी लीवर का किरदार फनी है।
सारी हिरोईन फिल्म में ग्लैमर के लिए थी।
रितेश देशमुख हर किरदार पर खरे उतरते है।
अभिषेक बच्चन का महत्वपूर्ण किरदार है लेकिन अदाकारी में सबसे पीछे हो गए।
अक्षय कुमार के बिना हाउसफुल की कल्पना नही हो सकती। अक्षय का ऐक्शन,काॅमेडी,अदाकारी सब कुछ परफैक्ट है।