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मैंने ये फ़िल्म टीवी पर देखी जितनी तारीफ की जाये कम हैं भारतीय सिनेमा मेँ ऐसा प्रेम विमर्श आज तक नहीं देखा मूवी मेँ पात्र रचना, फिल्मांकन, सेटअप सब अच्छा हैं ये मूवी धर्मवीर भारती जी की रचना सूरज का सातवां घोड़ा की यादव दिलाती हैं