Reviews and other content aren't verified by Google
बड़ा बुरा लगता हैँ
ज़ब फिल्मो को थ्रीलर बनाने के लिये सामान्य लोगो को बेवकूफ़ समझ लिया जाता हैँ
अगर टीचर को खुद ही जिम्मेदारी लेनी थी तो उसी रात सबूत ऐसे बन जाते की लड़ाई हुई और पड़ोसी के हाथो मर गया
बात खत्म..... क्या ही लॉजिक था इतना खींचने की