बार बार अन्न का अपमान कर रहे हैँ, पूजा की थाली गिरा कर भगवान का अपमान कर रहे हैं !
लेखक अपना दिमाग ही इस्तेमाल नहीं कर रहे लिखते हुए, खीर में लाल मिर्च मिलाते हुए दिखाया लेकिन खीर फिर भी सफेद है, केक का रंग भी नहीं बदला ना ही उसकी टापिंग में कोई फर्क आया क्रीम हटाने और वापस लगाने में, इतना सब होता रहता है लेकिन कोई देखने वाला नहीं होता इतने लोग घर में मौजूद होने पर भी,
चलती पार्टी में कैसे मौका मिल जाता है तस्वीरें काली करने को
और सब कुछ इन्हें मौके पर मिल भी जाता है, सारे भगवान बन गए हैं