हरि ॐ
वास्तव में मैं धन्यवाद देता चाहता हूं आप सभी को जिन्होंने मुझे अपना वात्सल्य प्रदान किया आप सभी की पसंद से आज यह पुस्तक पूरी दुनिया की पसंदीदा पुस्तक बन गई है सम्पूर्ण योग विद्या पुस्तक का पहला संस्करण 2008 में आया था इसके बाद अभी तक पांच संस्करण आ चुके हैं लगभग 20 बार रिप्रिंट हो चुकी है अभी ये पुस्तक चार भाषाओं में छप चुकी है पांचवीं मलयालम भाषा में आने वाली है हिंदी भाषा में आने के बाद मराठी गुजराती इंग्लिश भाषाओं में भी प्रकाशित हो चुकी है
इस पुस्तक को भारत सरकार रक्षा मंत्रालय द्वारा राज भाषा पुस्तक पुरस्कार मिला है तुलसी साहित्य अकादमी द्वारा तुलसी सम्मान भी मिला है यह पुस्तक आसन प्राणायाम मुद्रा बंध कुंडलिनी विज्ञान ध्यान एवं किस बीमारी में क्या खाएं क्या न खाएं किस बीमारी में कौन कौन से योग प्राणायाम करें कौन से योग प्राणायाम न करें इस पुस्तक में पतंजलि सूत्र घेरंड संहिता हठ योग प्रदीप वशिष्ठ संहिता हस्त मुद्रा नाभि विज्ञान आहार विज्ञान सम्पूर्ण स्वास्थ्य के टिप्स तनाव प्रबंधन एवं और भी कई प्रकार का मैटर दिया हुआ है यह पुस्तक स्टूडेंट्स के लिए महिलाओं के लिए ऑफिस में काम करने वालों के लिए एवं सभी वर्गों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है
इस प्रकार इस पुस्तक के बारे में यह कह सकते हैं कि यह इनसाइक्लोपीडिया ऑफ योगा है यह भारत ही नहीं पूरी दुनिया की सबसे अच्छी योग की पुस्तक है बहुत ही सरल भाषा में समझाया गया है अंत में इतना कहूंगा कि यह पुस्तक हर घर में होना चाहिए बहुत बहुत धन्यवाद पढ़ने के लिए