आपने नेता और भ्रस्ट अफसरों की असलियत सामनें रखी पर एक इमानदार अफसर की नौकरी लेली उसकी इमानदारी की सजा नौकरी छीन कर दिया।हर पिचचर मे ईमानदारी की जीत होती है पर असलियत से भी मुह नही मोड़ा जा सक्ता । हम प्रभाबित है इससे समाज मे जागरुक्ता फैलेगी और एक दिन ईमानदारी ढाल बनेगी।धन्यवाद सर जय संबिधान