भारतीय समाज मे स्त्री की नियति और उसके सामने की चुनौतियों को दर्शाते हुवे मानवीय संबंधों के बीच आदमीयत की तलाश है और साथ ही साहित्य जगत की एक ऐसी हस्ती के उस पक्ष को उजागर किया है जिससे पाठक बिलकुल अपरिचित है।।
धोखे,झूठ,संदेह के परे कुछ है तो अपने ऊपर भरोसा और अकेले आगे बढ़ने की क्षमता।
एक लेखक की लेखकीय जीवन के साथ निजी जीवन की कहानी।❤️