मैं ठगी का शिकार हुआ हूँ .
लिटरेरी सर्किल जयपुर द्वारा प्रकाशित अकबर नामा में अनवादक का नाम और भूमिका नहीं है . 289 पेज की ₹ 1295 की इस पुस्तक में अकबर के शासनकाल का वर्णन ही नहीं है .
मैंने वीकीपिडिया और कई दूसरे वेबसाइट्स पर इस पुस्तक के बारे में जो विवरण पढ़ा था वह इस पुस्तक में है ही नहीं .
मैं ने यह पुस्तक फिलिप कार्ट द्वारा E . ₹ 1160 में मंगाई है . मुझे ठगा गया है