पण्डित नेहरू की लिखी इस पुस्तक के बारे में हमने बहुत अच्छा सुना है।प्राथमिक कक्षा में एक पत्र सहायक वचन में पाठ के रूप में पढ़ा था।स्मृति में पूरा पत्र तो नहीं है किंतु फिरभी वह पाठ बहुत अच्छा लगा था।मेरा निजी
विचार है कि यह पुस्तक हर पिता के द्वारा अपनी-अपनी बेटी को पढ़ने के लिए अवश्य दिया जाय। विचार