आर्टिकल15 के विषय पर एक मूवी बनने के साथ ही यह टॉपिक जानना सभी के लिए बहुत जरूरी हो गया है. भारतीय संविधान के भाग 3 में अनुच्छेद 12 से 35 तक मूल अधिकारों का वर्णन है. अनुच्छेद 15 कहता है कि; राज्य अपने किसी नागरिक के साथ केवल धर्म, जाति, लिंग, नस्ल और जन्म स्थान या इनमें से किसी भी आधार पर कोई विभेद नहीं करेगा.
फ़िल्म "आर्टिकल 15" के एक दृश्य में आयुष्मान खुराना एक अधिकारी से बैठकर बात कर रहे हैं.
"सर ये तीन लड़कियां अपनी दिहाड़ी में सिर्फ़ तीन रुपए अधिक मांग रही थीं
सिर्फ़ तीन रुपए...
जो मिनरल वाटर आप पी रहे हैं, उसके दो या तीन घूंट के बराबर,
उनकी इस ग़लती की वजह से उनका रेप हो गया,
उनको मारकर पेड़ पर टांग दिया गया ताकि पूरी जाति को उनकी 'औक़ात' याद रहे."
ये डायलाग अनुभव सिन्हा निर्देशित फिल्म "आर्टिकल 15" का है. यह फिल्म भारत के संविधान में मूल अधिकार के रूप में वर्णित “आर्टिकल 15” के ऊपर बनी है.