देखअ हमउं अपन महेरारू क लेके पंचलैट सलीमा देख अईनी अउर संजोग देख कि सलीमा सुरु क पहलही उहे सलीमा के दू तीन गो कलाकारो भेंटा गिया .उ महतो टोला का कलक्टर ( इकबाल सुल्तान) मुनरी क माई (मालिनी सेन गुप्ता )अ ए गो हलवाई( अरुप जागीरदार) अ फिर अपन अल्पना मैडम जी रहलन उ परोफेसरनी, आपन दस-बारा गो लईकी स्टूडेंटवन ले के आइल रहलन …. सब एक्के संगे देखलीं सलीमा .
फिलिम में हम अ हम्मर मेहरारू अइसन डूबनीं,अइसन डूबनीं कि पत्ते नहीं चला ,कब्भे सूरजवा डूब गिया अ पंचलईटवा भक्क दनी जर गिया .अ सलीमा खत्तम ….
का कहीं रेनू जी क कहानी पर अईसन जब्बर सलीमा बन सकत है ,हम कब्बहूं ना सोचनीं. सब सलीमा करे वाला कलाकारवन के हम्मर सुभकामना रहल.अ सब्भे लिखे पढ़े वाला से कहतानी अपन मेहरारू ,माय बाबूजी अ बचवन संग जाके जरुर देख लीहअ ई सलीमा अ नहीं त पछतईब ,उ कहल जाला - जब चिरई चुग जाई खेत… ठीक बा बचवन सब नीक रहिअ ..हमनी से कोनो भूल तरूटी हो गईल होई त माफी .