गर्म हवा मूवी, आज 2020 के हालातों पर ही आधारित हैं।
हिन्दू मुसलमान एक होकर ही अपने हक की लड़ाई जीत सकते हैं, एकता ही विजय ला सकती हैं। सरकार तो हमेशा इन्हें अलग करके ज़मीनी स्तर के मुद्दो पर पर्दा डालना चाहती हैं। सरकार न तो हिन्दू की सगी हैं न ही मुसलमान की। क्योंकि गरीब जनता में हिन्दू भी मारा जाता हैं मुसलमान भी। उसे घर चाहिए, रोज़गार चाहिए, चिकित्सा चाहिए, खाना चाहिए, सम्मान का जीवन चाहिए। ये उसके मुद्दे हैं। पर सरकार इन जनता को कुछ न दें सकी। सिर्फ धोखा, लड़ाई ओर मौत ! वो तो खून पीती हैं चाहे वो गरीब हिन्दू का हो या गरीब मुसलमान का। यहाँ मुसलमान का भी बच्चा नहीं पढ़ पा रहा और हिन्दू का बच्चा भी नहीं पढ़ रहा।अगर यह मिल कर अपने बच्चे की शिक्षा के लिए लड़ेंगे तो ज़रूर हालातों में सुधार आएगा। यहाँ पर नेता को तो एकता से डर लगता हैं, और फिर एक समान शिक्षा जो देनी होगी इसलिए न शिक्षा पर ख़र्चा, न ही वोटों में कटौती, वहीं करा देता हैं दंगा। बस यहीं से राजनीति शुरू। हम लोगों को एक होकर ही इन सब के खिलाफ लड़ना होगा। तभी सभी को शिक्षा, रोज़गार, घर, चिकित्सा, और सम्मान का जीवन मिलेगा।
इंकलाब जिंदाबाद!
क़ौमी एकता जिंदाबाद!
हमारा संघर्ष जिंदाबाद!