भक्तों गज्जब ढा दिया आपने, एक ऐसा इतिहास रच दिया जिसकी गूंज लंबे समय तक द'लाल खेमे में गूंजती रहेगी.
आपने सारे रिकार्ड्स ध्वस्त करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया. IDMB रेटिंग्स में द कश्मीर फाइल्स फ़िल्म को फूल मार्क्स 10/10 रेटिंग मिली है जो कि दर्शक तय करते है. उधर ऑडियंस रेटिंग 4.9/5 है. आपके एकजुट प्रहार से इकोसिस्टम किले की चुले हिल रही है.
उधर नीचे इंडियन एक्सप्रेस की एजेंडा रेटिंग भी देख लीजिए मात्र 1.5 दी हुई है. जो कि दर्शकों द्वारा नही बल्कि फ़िल्म समीक्षक 'शुभ्रा गुप्ता' द्वारा दी हुई है. मैडम 'लिब्रल' खेमे से ताल्लुक रखती है. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ये मोहतरमा 2012-15 में सेंसर बोर्ड की सदस्य रह चुकी है जिनकी नियुक्ति मनमोहन सरकार में हुई थी.
सोचिये किस तरह के लोग सिस्टम में भरे पड़े थे , जिन्हें कश्मीर फाइल्स 1.5 रेटिंग की लग रही है. सोचिये सिस्टम किस तरह हमें दीमक की तरह खाए जा रहा था और हमें पता भी नही था.
The speaker..