इस फ़िल्म में जोभी बोलै है वह सब सही है जैसे कि अपनी मातृभाषा का समान करो ,मैं तो कहता हूं कि जो भी लिखना है वह हिंदी में ही लिखो क्योंकि जो भी अंग्रेज इसे पढे तो उसे translator की जरूरत पढ़े क्योंकि हमें झुकना नही चाहिए वह लोग हमारी भाषा के सामने झुके पर आज कल कोई भी मातृभाषा में बात नही करना चाहते क्योंकि अगर हिंदी बात करे तो कमी सी लगती है ,कुछ लोग है जो अपनी मातृभाषा पर प्रेम करते है उन्हें मेरा सलाम , फ़िल्म अगर बनाएं तो भारत का इतिहास जगाने वाली ही बने ताकि पूरी दुनिया को पता चले कि भारत क्या है । बस करो यार ये रोमांटिक मूवी बनाना मूवी अगर बनानी है तो ऐसी ही होनी चाहिये,,, जैसे बाहुबली ,बाजीराव मस्तानी, पदमावत ,