महोदय जी नमस्कार
भारतीय की लड़ाई पकिस्तान के लोगों के साथ नहीं है ।लड़ाई केवल ओर केवल आपके नेताओं के गंदे विचारों से हे।
हमें तो इसका दुख हे कि पाकिस्तान की किसी भी सरकार ने कभी भी आम आदमी के लिए संघर्ष नहीं करा,न कोई सही काम किया, कोई काम देश के लिए नहीं किया सिर्फ एक योजना जिसका नाम है केवल आतंकवाद ।
इमरान खान अभी भी समय है ।बड़े मियाँ तो खुद ही अन्ग्रेजी हुक्मरनो के साथ चलकर ऐसा-वैसा निमार्ण पाकिस्तान के नाम का कर ऊपर चले गये । दुनिया भर की टेंशन दे गए ।
अब सोचो कि पाकिस्तान को क्या चीन के हवाले करने का प्रयास करोगे ।मतलब साफ है कि अब फिर गुलाम बन के रहेगा ।