एक शानदार पिक्चराईजेशन देवभूमि उत्तराखण्ड का, यहॉ के सामाजिक परिवेश का..कुछ हिमालय के अनछुये पहेलुओ को समझा पहली बार इस मूवी के माध्यम से...जाख देवता और केदारनाथ धाम की पृष्ठभूमि पर गढी गई इस पिक्चर को देखकर थोडा ज़्यादा मन दुखी भी हुआ कि मेरे हिमालय मे भी ऐसी दकियानूसी बाते होती है जिनके कारण मैदान जला करते हैा सोचता था हिमालय अछूता है इनसब से पर नही, वही ऊच नीच वाली गन्दी सोच हर जगह हैा शान्ति हिमालय की गोद मे निवास कर रहे महान साधक संतो की शरण मे हो सकती है पर वहॉ के समाज मे नही..