इस फिल्म के निर्माता को कोटि कोटि नमन करता हूं कि उनके पास इस तरह की फिल्म बनाने के लिए कुछ खास वजह रही होगी लेकिन बिल्कुल सच दिखाने का प्रयास किया आज भी दलित समाज के लोगों के बीच असमानता कि खाई है ग्रा मी ढ आंचल में दलित बहिन बेटियां सुरक्षित नहीं है आज भी जाति के आधार पर सम्मान दिया जाता है