परिंदें कहानी उन लड़कियों की भी कहानी है जो परिवारों के गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण कुंवारी कह जाती हैं। उनकी शारीरिक जरूरतों के बारे में आज भी लोग नहीं सोचते। वो क्या रही है परिवारों का भरण पोषण कर रही है,उनके कुंवारी होने के लिए इतना काफी है। सुंदर रचना।
विनीता रानी
जानकी देवी मेमोरियल कालेज