कर्मभूमि उपन्यास का अपनी क्रांतिकारी चेतना के कारण विशेष महत्व है ।
हर कही जनता उठ रही है ।उसको रोकना या संयमित करना असम्भव है ।यह असाधारण जन -जागरण का युग है नगरों ओर गाँव में पवतो ओर घाटियों में सभी जगह जनता जाग्रत ओर सक्रिय है । कठोर से कठोर दमन चक्र भी उसे दबा नहीं सकता ।यह विप्लवीकारी भारत है ।इस क्रांति का सूत्रधार - अमरकांत है ।