एक शानदार पुस्तक को रद्दी कैसे बनाया जाता है; यह इस पुस्तक के अनुवादकों से सीखा जा सकता है। रही सही कसर इसके हिंदी टाइपिंग ने पूरी कर दी है। हिंदी माध्यम के वही पाठक इस पुस्तक को पढ़ सकते हैं जो इतने सक्षम हैं कि इसमें आवश्यक संशोधन कर सकें। आपको बता दें कि कुछ जगह अनुवादन में ऐसी भी गलती है कि पूरा का पूरा अर्थ ही उल्टा हो जाता है।
नए पाठकों को सलाह है कि वे इस पुस्तक के हिंदी संस्करण से दूर ही रहें।