मुझे यद् हे की पहले पुरानी मूवी (हमारे टाइम पर फिल्म कहते थे ) सिनेमा होल पर नई मूवी के साथ ही चलती थी क्युकी उन दिनों कोई और विकल्प ही नहीं था इसलिए नई फिल्म लगने के बावजूद जब ८० के दशक में नै फिल्म त्रिशूल चली तो पास के सिनेमा होल में मदर इंडिया भी चल रही थी शो भी हौसफुल जाते थे पर अब तकनीक के ज़माने में नई फिल्म के साथ साथ पुरानी फिल्म कही नहीं चलती या तो यूट्यूब पर देखो पर सिनेमाहोल में हजारों दर्शको के साथ जो मजा आता था वो मल्टीप्लेक्स में नही आता जिंदगी जेसी मूवी और भी पुरानी मूवी बच्चे साथ देखना पसंद नही करते