संजय मिश्रा और साथी कलाकारों का उत्तम प्रदर्शन देखने को मिला...जबकि ज़्यादा बजट वाली फ़िल्मों के कलाकार भी नहीं कर पाते। बनारस की ज़मीन पर बनीं ये फिल्म हमारे समज को जगाती हैं और मौजूदा परिस्थितियों से रुबरु कराती है। ये फिल्म देश में चल रहे सारे बिंदुओं को छू कर गुजरने और जागरूक करने का सफल प्रयास है। मेरी अपनी राय है कि ये फिल्म युवाओ को देखनी चाहिये और इस तरह की और भी फ़िल्में बनतीं रहनी चाहिए। फिल्म के "फिल्म डायरेक्टर को हार्दिक धन्यावाद देता हूं दर्शक के रूप में , आगे भी आप अच्छी और जागरूक फ़िल्में बनाते रहे 🙏🏻✨️💜