फिल्म देखने पहले सोचा की देखूं या नहीं, क्यूंकि #सुशांत_सिंह_राजपूत को मारता देखना नहीं चाहता था, फिल्म का एक एक सीन आपको #सुशांत से रूबरू कराता है, सच में जिंदादिल इंसान था, फिल्म के आखरी के 30 मिनट बस दिल पर हाथ था क्यूं कि ये दिल कमजोर सा पड़ रहा था और आंख से आंसू की बूंद टपक गई,
' सुशांत तुम आज भी हो, शायद भूत बनकर हमारे अगल बगल'
फिल्म #KaiPoChe से शुरूवात और #DilBechara पर अंत ये सफर इतना छोटा जरूर था पर तुम्हारी याद हमेशा रहेगी बिल्कुल तुम्हारे जिंदादिल व्यक्तितव सी लंबी
Miss you #shushantsinghrajpoot
मै इस फिल्म को हमेशा अपने फोन में रखूंगा