मैंने आज कई सालो के बाद लगभग 25 साल के बाद कुछ पढने का मन बनाया और पांच घंटे मे इसे खत्म कर दिया बार बार खुद को इस कहानी के गोपाल के रूप में देख रहा था और ना चाहते हुए भी कई बार रोने लगा क्यूँ पता नहीं या तो इसलिए कि मैं भी पिछले 20 साल से ऐसे ही एक लड़की के लिए खुद को बर्बाद करते हुए जिंदगी में सब कुछ पाने के बाद भी कुछ नहीं है वालीं स्थिति में जी रहा हूँ आज सोचा था कि किताबों से दोस्ती कर अपने अकेलेपन को दूर करने की कोशिश करूंगा लेकिन मुझे नहीं लगता कि अब फिर कभी कोई प्रेमकहानी पढ़ने की हिम्मत है
पर जो भी है ये आज के कई युवाओ की सच्ची कहानी है और आपकी लेखनी को नमन है ऐसी रचना के लिए और आपके लिए शब्दों का चयन करना मेरे बस की बात नहीं बस एक ही बात कहना चाहता हूं कि
लिखे गए अल्फाज़
वो इस अंदाज में है
दबी हुई है कहानी कई
कई दिलों में दफन
जैसे कोई राज ये है
जो आपने किसी के
दिल से जैसे चुराया है
इस कहानी में सबको
अपना किरदार नजर आया है
🙏