सच को छुपाकर, अपने आप को Larger than Life दिखाने कि होड़, सदियों से इस देश में चली आ रही है. ऐसे ही, एक स्वातंत्र्यसूर्य को अपने पंजे से ढकने की कुचेष्टा, इस देश में कई दशकों से हुई.
परंतु सुरजको न कोई ढक सकता है और उसके किरणोंको न कोई रोक सकता है. अब धीरे धीरे ग्रहण छुटने लगा है. राष्ट्र सर्वोपरि, की ज्योति अब हर दिल में प्रज्वलित होने लगी है.
स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर जी के, अखंड भारत की स्वतंत्रता हेतु लिये गये आजीवन नि:स्वार्थ प्रयासों पर बनाये गये इस चलचित्र के लिये
रणदीप हुड्डा जी को मन:पूर्वक धन्यवाद.
कृपया यह चलचित्र परिवार सहित
चित्रपट घरों में देखें.
वंदे मातरम् ... भारत माता की जय...