बागी 4
साजिद नाड़ियादवाला की कहानी में दम नहीं है, एक्शन दृश्यों में एनिमल की झलक है, एक्शन अच्छा है पर देखा हुआ सा लगता है इसलिए जुड़ाव नहीं हो पाता है फिल्म के साथ दर्शकों का, सोनम बाजवा अच्छी लगी है, हरनाज संधू को अभी बहुत कुछ सीखना है, tiger shroff ने अपना काम बड़िया किया है ,संजय दत्त अच्छे लगे हैं पर ऐसे रोल वो पहले भी कर चुके हैं इसलिए मज़ा नहीं आता है दर्शक को, फिल्म में पुलिस के किरदारों को comedy सौंपी है और वो सफल रहे हैं, 200 करोड के बजट में और अच्छी फिल्म बन सकती थी, एक बार देख सकते हैं फिल्म को और ना देखें तो भी कुछ नहीं बदलेगा जिंदगी में,