जब तक गले में हुआ नहीं पड़ा है तभी तक यह खुले ली है निकम्मा को राह पर लाने का इससे बढ़कर और कोई उपाय नहीं । संदर्भ=प्रस्तुत पंक्ति गबन उपन्यास से अद्भुत है इसके लेखक प्रेमचंद हे ।
प्रसंग =दयानंद रामानंद के आवारा घूमने के कारण उसका विवाह नहीं करना चाहते । जागेश्वरी विवाह का औचित्य सिद्ध करते हुए कहती है कि इससे वह सुधर जाएंगे । इस कहानी के तहत हमें यह बताया जा रहा है कि कोई भी कार्य को करने से पहले उसे हारना नहीं चाहिए ।उसे एक बार करके देखना चाहिए।
व्याख्या=यहां ठीक है कि अभी रामनाथ अपना सारा समय शतरंज और शेर सपाटे में प्यार से व्यतीत करता है परंतु विवाह कर देने से वह उत्तरदायित्व का भर पढ़ते ही सुधर जाएगा ।