📽बंगाल 1947 💽
यह फिल्म तत्कालीन समाज में फैली कुरीतियों आडंबर अंधविश्वास भेदभाव जात पात और उस विभाजन की विभीषिका का अमूर्त रूप है जो कहीं ना कहीं आज भी हमारे समाज में एक दरार रूपी छिद्र के समान है जिसे भरना अति आवश्यक है इस फिल्म में भारतीय सनातन संस्कृति का वास्तविक रूप दर्शाया है जो मध्यकालीन समाज में कहीं ना कहीं खो गया था |