इस चित्रपट ने वीर सावरकर का जो दुष्प्रचार अब तक चला रहे थे, उसको उनकी सच्ची हकिकत दिखाके उनका मुह बंद करनेकी ताकद है. पूरी सच्चाई के साथ चित्रपट बनाया है. किसी भी राजकीय बंदीके साथ जो नही होता चाहिये, ऐसे अत्याचार ऊनपे हुए. ऊनकी बुद्धि और will power की वाह से वो टूर नही पाने.ऊनकी देश के प्रति निष्ठा कमाल की थी, और विचार भी बहोत ऊंचे थे.