भारत की जनता
को
रामायण जरूर देखनी चाहिए
त्याग और तपस्या
ने
दशरथ पुत्र श्री राम
को
मर्यादा पुरुषोत्तम बनाया
तो
वही
अधर्म और अत्याचार
का
प्रतीक
रावण को
राक्षस की संज्ञा दी गई ।
राक्षसो का संहार
अति आवश्यक है
रामायण अगर
भावनाओ का सागर है
मर्यादा की जननी है
तो
राक्षसो के लिये
कालभीहै